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Home > Blog > Aries and Libra compatibility | मेष-तुला राशि में समानताएं, किन गुणों से होगा वैवाहिक जीवन में प्रेम

मेष-तुला राशि में समानताएं- वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मेष व तुला राशि के जोड़े में संबंधो को लेकर कुछ असमानताएं बताई गई हैं। रिश्ते में कुछ तनावपूर्ण परिस्थितियां भी आ सकती है। ज्योतिष में तुला राशि को सामान्यतः निष्क्रिय गुण के साथ देखा जाता है। तुला राशि वालों को मेष राशि के गुण बहुत आकर्षित करते हैं। और मेष राशि वाले तुला राशि के शांत व सुलझे स्वभाव को बहुत पसंद करते हैं। 

मेष राशि को राम, के द्वारा शासित चिन्ह बताया गया है। वें अपने मजबूत आत्मविश्वास और निश्चितता के लिए जाने जाते हैं। वैसे तो, वास्तविकता से परे ज्ञान होने के कारण मेष जातक को इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं होता है कि वे क्या कर रहे हैं? यानी कि इस राशि के जातकों को हर चीज़ में अपना शत-प्रतिशत देने में विश्वास होता हैं। अपने आत्मविश्वास के कारण ऊर्जावान, राशि के रूप में जाने जाने वाले मेष जातक एक महान नेता की भूमिका बखूबी निभाते हैं। वे दूसरे के कहे से ज्यादा खुद के निर्णय लेने में रुचि रखते हैं। इन सभी कारकों के बावजूद, मेष राशि वालों से बात करना और उनका प्यार भरा पार्टनर बनाना बहुत आसान होता है। 

अब बात करें, तुला राशि की तो यह राशि चक्र की सातवीं राशि है। और उनका अपना सभी चीजों के प्रति अच्छा संतुलन होता है। अपने इसी गुण के कारण यह राशि सबसे लोकप्रिय है। परन्तु वें अपनी ऊर्जा को जग जाहिर नहीं करते हैं, केवल सही समय पर ही इसका उपयोग करते हैं। इसके साथ ही तुला राशि को एक भावुक राशि माना गया है। अतः वे सभी तथ्यों को ध्यान से देखते हैं और सोच-समझकर निर्णय लेते हैं। वैवाहिक जीवन में वे एक श्रेष्ठ प्रेमी और थोड़े चुनौतीपूर्ण साथी साबित हो सकते हैं। इसलिए जीवन में टकराव से दूर और शांति बनाए रखने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष राशि के पुरुष और तुला राशि की महिला का प्रेम व आपसी मेल कुछ चुनौतियों से भरा हो सकता है। वे (मेष-तुला) अग्नि और वायु एक श्रेष्ठ जोड़े के रूप में सर्वोत्तम संगत तभी बनते हैं, जब उनके आस-पास की सभी चीजें नियंत्रित होती हैं। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार, हवा आग को जलाए रख सकती है, तो यह उसके बुझने का कारण भी हो सकती है। इस तथ्य को हम उदाहरण के रूप में समझे तो, मेष और तुला राशि वाले जातक एक सर्व गुण संपन्न जोड़ी तभी बनेंगे, जब वें उनके जीवन के सही व सटीक आयाम पर होंगे। 

इसके साथ ही ये दोनों राशियां, एक साथ तभी गतिशील हो सकते हैं, जब वें अपने आस-पास के सभी लोगों के साथ प्रकाश व अपनी ऊर्जा को साझा कर सकते हैं। इसके विपरीत अपने जीवन को तहस-नहस करने के कारक भी वे स्वयं ही होंगे। किसी भी तरह, एक बार जब वे एक-दूसरे को पा लेते हैं, तो मेष राशि वालों के लिए वृषभ राशि वालों के बिना लंबे समय तक रहना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही, यह देखते हुए कि मेष राशि वाले कितने प्रेरक और करिश्माई हो सकते हैं, तुला राशि वालों के लिए उनका विरोध करना काफी कठिन होगा। 

ज्योतिष में, मेष राशि के सत्तारूढ़ ग्रह, मंगल की ऊर्जा व  अग्नि के प्रतीक राशि को सौम्य वायु राशि (तुला) अपनी ओर बहुत आसानी से प्रेरित कर लेती है। शुक्र से प्रभावित और परियों की कहानियों के प्रेमी तुला को भी मेष राशि का पहल करने का गुण बहुत लुभाता है। वे दोनों ही प्रेम में एक-दुसरे का पीछा करने के खेल का भरपूर आनंद लेते हैं। इसके साथ  ही, तुला राशि, मंगल, मेष राशि को तुरंत संबंध स्थापित करने के लिए प्रेरित करता है। तुला राशि वालों को भी अपने शर्मीले स्वभाव के साथ मेष राशि के जातक से बहुत आकर्षण व विवाद रहित रिश्ता पसंद होता है। इस प्रकार, मेष और तुला राशि के लिए एक मज़ेदार पहला अध्याय बनाने हेतु मंगल और शुक्र मिलकर काम करते हैं।

  • मेष व तुला रिश्ते के फायदे

जैसा कि हमने हमारे लेख में, इन राशियों के गुणों के बारे में बताया है- एक बार एक-दूसरे को अच्छे से जान लेने बाद मेष और तुला राशि वालों के लिए एक-दूसरे से दूर रहना संभव नहीं है। अपने रिश्ते में मेष और तुला राशि वाले, हमेशा एक-दूसरे के प्रति एक अलौकिक आकर्षण पाएंगे। और हममें से कई लोगों को यह जानकारी नहीं है कि, किसी भी रिश्ते में खिंचाव और आकर्षण होना, एक बहुत ही सफल रिश्ते में नींव का काम करता है। चूंकि वे स्वयं को अत्यधिक बंधा हुआ पाते हैं, वे स्वयं को बदलने, एक-दूसरे में फिट होने के तरीके खोज लेंगे। 

संक्षेप में, इन दोनों को एक-दूसरे से दूर रखने के लिए कोई गंभीर अंतर नहीं है। दोनों ही राशियाँ थोड़ी रोमांटिक होती हैं, और जीवन के रोजमर्रा में रोमांस देखना पसंद करती हैं। यह ऐसा जोड़ा है, जिसे कोई भी साथ काम करते हुए देख सकता है। जैसे- साथ में खाना बनाना, बच्चे को बारी-बारी से स्कूल छोड़ना आदि। अगर रिश्ते में सभी परिस्थितियां सही हो तो, यह जोड़ा अपने आस-पास के लोगों के लिए एक प्रेरक व मार्गदर्शक रिश्ता बन सकता है। 

  • मेष व तुला रिश्ते के नुकसान 

राशि चक्र के सभी चिन्ह प्रकृति द्वारा निर्मित होते हैं। ज्योतिष में तुला और मेष राशि के चिन्हों को भी बहुत अलग बताया गया है। उसी के अनुरूप इन दोनों राशियों का स्वभाव एक-दूसरे से बहुत अलग होता है। जहां एक का उद्देश्य गर्माहट देना होता है, वहीं दूसरे का उद्देश्य चीजों को ठंडा करना है। इस समीकरण में असंतुलन से कुछ बड़े जलवायु परिवर्तन हो सकते हैं। मजाक मस्ती के अलावा, इन दोनों संकेतों के बीच झगड़ा कुछ ही समय में अलगाव तक बढ़ सकता है। इससे भी अधिक, राम-ईश मेष राशि वाले जातक तुला राशि से नफरत करने वाले टकराव को खत्म करने की कोशिश करते हैं। और संतुलित तुला राशि, उत्साही मेष राशि वालों के जोश को खत्म कर सकती है। 

मेष-तुला

कुल मिलाकर, भले ही ये दोनों राशियाँ परस्पर प्रेम में बहुत आगे होंगी, एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होंगी, लेकिन वे रिश्ते में दो व्यक्तियों के लिए सही नहीं होंगी। वे दोनों आत्म-विकास करना छोड़ सकते हैं। क्योंकि, अपने साथी को यह समझना बहुत थका देने वाला होता है, कि उन्हें कुछ नया सीखने की आवश्यकता है। वे दोनों एक साथ काम करना बंद कर सकते हैं, क्योंकि उनका एक-दूसरे को सही करने का तरीका अलग होता है।  जिसकी वे सराहना नहीं करते हैं। ये सभी चीजें एक रिश्ते में झगड़े का कारण बन सकती हैं। 

अंत में, मेष-तुला राशि के प्रेमी या वैवाहिक जीवन को हम बहुत आसान रिश्ता नहीं कह सकते हैं।  इन दोनों संकेतों को आदर्श रूप से एक-दूसरे के अवगुण को से दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन अगर वे एक-दूसरे को खोजते हैं और आकर्षण देखते हैं जिसे वे स्वाभाविक रूप से महसूस करना चाहते हैं, तो उन्हें इसे कुछ समय के लिए नियंत्रित रखने की आवश्यकता है। जब तक कि वे रिश्ते में, एक-दूसरे को पूरी तरीके से समझ नहीं लेते हैं, कि वे अपने जीवन में कहां हैं और रिश्ते की संभावनाओं पर चर्चा करें। अंध उत्साह के साथ किसी भी चीज़ में उतरने या केवल व्यावहारिक कारकों को तौलने से मदद नहीं मिलती है। रिश्ते पर कार्रवाई करने से पहले दोनों संकेतों को गहराई से सोचने और समझने की ज़रूरत है। 


Q. तुला राशि और मेष राशि के कितने गुण मिलते हैं?

An. इन राशियों के गुणों के बारे में बताया है- एक बार एक-दूसरे को अच्छे से जान लेने बाद मेष और तुला राशि वालों के लिए एक-दूसरे से दूर रहना संभव नहीं है। अपने रिश्ते में मेष और तुला राशि वाले, हमेशा एक-दूसरे के प्रति एक अलौकिक आकर्षण पाएंगे। और हममें से कई लोगों को यह जानकारी नहीं है कि, किसी भी रिश्ते में खिंचाव और आकर्षण होना, एक बहुत ही सफल रिश्ते में नींव का काम करता है। चूंकि वे स्वयं को अत्यधिक बंधा हुआ पाते हैं, वे स्वयं को बदलने, एक-दूसरे में फिट होने के तरीके खोज लेंगे।

Q. तुला और मेष राशि कितनी अनुकूल है?

An. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मेष व तुला राशि के जोड़े में संबंधो को लेकर कुछ असमानताएं बताई गई हैं। रिश्ते में कुछ तनावपूर्ण परिस्थितियां भी आ सकती है। ज्योतिष में तुला राशि को सामान्यतः निष्क्रिय गुण के साथ देखा जाता है। तुला राशि वालों को मेष राशि के गुण बहुत आकर्षित करते हैं। और मेष राशि वाले तुला राशि के शांत व सुलझे स्वभाव को बहुत पसंद करते हैं।

Q. क्या तुला और मेष राशि की जोड़ी अच्छी बनती है?

An. इन दोनों को एक-दूसरे से दूर रखने के लिए कोई गंभीर अंतर नहीं है। दोनों ही राशियाँ थोड़ी रोमांटिक होती हैं, और जीवन के रोजमर्रा में रोमांस देखना पसंद करती हैं। यह ऐसा जोड़ा है, जिसे कोई भी साथ काम करते हुए देख सकता है। जैसे- साथ में खाना बनाना, बच्चे को बारी-बारी से स्कूल छोड़ना आदि। अगर रिश्ते में सभी परिस्थितियां सही हो तो, यह जोड़ा अपने आस-पास के लोगों के लिए एक प्रेरक व मार्गदर्शक रिश्ता बन सकता है।

Q. क्या मेष और तुला राशि की शादी हो सकती है?

An. ज्योतिष में, मेष राशि के सत्तारूढ़ ग्रह, मंगल की ऊर्जा व  अग्नि के प्रतीक राशि को सौम्य वायु राशि (तुला) अपनी ओर बहुत आसानी से प्रेरित कर लेती है। शुक्र से प्रभावित और परियों की कहानियों के प्रेमी तुला को भी मेष राशि का पहल करने का गुण बहुत लुभाता है। वे दोनों ही प्रेम में एक-दूसरे का पीछा करने के खेल का भरपूर आनंद लेते हैं। इसके साथ  ही, तुला राशि, मंगल, मेष राशि को तुरंत संबंध स्थापित करने के लिए प्रेरित करता है। तुला राशि वालों को भी अपने शर्मीले स्वभाव के साथ मेष राशि के जातक से बहुत आकर्षण व विवाद रहित रिश्ता पसंद होता है।

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